Monday, June 16, 2008

इटली यात्रा :चौथा भाग

तीन दिन बीत चुके थे अब मेरे पास चार दिन का समय था,बोलोना घूमने के लिये पर सच बताऊँ मैं इस पूरी यात्रा में अनमना ही रहा शायद इसका कारण यह मेरी पहली विदेश यात्रा रही हो या इटली में अंग्रेजी भाषा का बहुत कम बोला जाना |इस अनमनेपन के कारण न तो मैं ज्यादा नोट्स ले पाया और न ज्यादा तस्वीरें ही खींच पाया |हर जगह वो अनमनापन मेरे दिमाग में छाया रहा इसलिए मैं ज्यादा रूचि नहीं ले रहा था |इसी यात्रा में मैंने एक और चीज सीखी कभी किसी यात्रा पर वीडियो कैमरे का इस्तेमाल न किया जाए और अगर किया जाए तो कम से कम ,मैंने वीडियो कैमरे का इस्तेमाल ज्यादा किया पर उन वीडियो फुटेज का इस्तेमाल भारत लौट कर कुछ कर नहीं पाया ,कुछ समय बाद वो वीडियो टेप कहाँ गए इसका भी पता नहीं |खैर जब मैं अमेरिका गया तो जो गलतियाँ इटली यात्रा में की थीं वो नहीं दुहरायीं |
कूड़ा उठाती सफाई कर्मी 

कूड़ा उठाती सफाई कर्मी 
खैर अब कुछ बातें इटली के दैनिक जीवन की सबसे पहली चीज कूड़ा प्रबंधन और ड्रेनेज सिस्टम ,मैं सात दिनों तक बोलोना में रहा ,गर्मियों के दिन थे फिर भी लगभग रोज बारिश होती थी पर पानी कहीं भी रोड पर या किसी जगह नहीं दिखता था |शहर के नीचे नालों का जाल था जिसका परिष्कृत रूप बोलोना के पास के शहर वेनिस में देखा जा सकता है |सड़कों पर गड्ढे नहीं थे और गलियां पक्की थी |कूड़ा रोड पर कहीं नहीं दिखता जगह –जगह बड़े डस्टबिन काली पौलीथीन के साथ रखे हुए हैं जिनको रोज सुबह कूड़ा उठाने वाली गाडी उठा लेती है |एक सुबह मैंने ऐसा ही नजारा अपने होटल की खिड़की से देखा जब एक चमचमाता ट्रक एक डस्टबिन के सामने रुका और उसमें दो सुन्दर लड़कियां सफ़ेद –काले कपड़ों में उतरी और और ट्रक में लगी मशीन ने उस डस्टबिन में रखे कूड़े को ट्रक में डाल दिया |भारत में ऐसे द्रश्य की कल्पना करना अभी भी न मुमकिन है |कूड़ा उठाने वाला ट्रक खटारे जैसा होगा और जितना कूड़ा वो उठाएगा उससे ज्यादा सड़क पर गिराते हुए जाएगा और बदबू इतनी ज्यादा होगी कि उसके पीछे आप अपनी मोटर साइकिल नहीं चला सकते| इटली में यही काम बड़े सौम्य तरीके से महिलाओं द्वारा किया जाता है और खुद भी वह सब इतनी साफ़ सुथरी होती हैं कि काम के बाद अगर वे किसी पार्टी में जाना चाहें तो आराम से जा सकती हैं |
साफ़ सुथरी सड़कें 
इटली में मेरे दिन बड़े सुहाने बीत रहे थे |मौसम भले ही गर्मी का था पर मुझे हमेशा कोट पहनना पड़ता था |धूल और प्रदूषण का नामों निशाँ नहीं था,मैं सात दिन के हिसाब से सात सेट कपडे ले गया था पर तीन सेट में ही काम चल गया वो भी इसलिए कि रोज –रोज एक ही कपडा पहनना ठीक नहीं लगता पर मेरा कोई भी कपडा गन्दा या काला नहीं हुआ|मेरे काले जूते को सात दिनों में एक बार भी पौलिश करने की जरुरत नहीं पडी |लोगों को कुत्ते पालने का बहुत शौक है पर ये जानवर सड़कों पर अगर गंदगी करते भी थे तो तुरंत उनका मालिक उस गंदगी को उठाकर डस्टबिन में दाल देता है |ये सिविक सेन्स अभी हम भारतीयों को सीखना है |तो दिन भर मैं घूमता और शाम को ज्यादातर हिन्दुस्तानी नाम वाले पाकिस्तान रेस्टोरेंट में भारतीय खाना खा लेता |मजेदार यह है कि इस्लाम में सूअर का मांस हराम है पर उस रेस्टोरेंट में सूअर आसानी से खाया जा सकता था |सच है जब पेट पर बनती है तो इंसान सब कुछ भूल जाता है |

साप्ताहिक बाजार गाड़ियों पर 
साप्ताहिक बाजार का द्रश्य 
मैं वहां किसी भारतीय को तलाश रहा था जिससे दो बोल हिन्दी में बतिया सकूँ और मेरी तलाश मुझे एक साप्ताहिक बाजार में ले गयी |यहाँ एक और आश्चर्य मेरा इन्तजार कर रहा था जिस खुली सडक से मैं दसियों बार गुजर चुका था |आज वहां लोगों का हुजूम था,पूरी जगह बहुत सारी खुली गाड़ियों से भरी हुई थी जिनके पीछे के हिस्से को खोलकर दुकान का रूप दे दिया था |यानि हफ्ते के एक दिन यह जगह बाजार बन जाती और बाकी दिन खुली चौड़ी रोड एक बार फिर भारत याद आया ,जहाँ इस तरह के बाजारों के लिए न कोई नियम है न कोई कानून |मैं अगले दिन भी उस सडक से गुजरा पर वहां कोई गंदगी का चिन्ह नहीं था लगता था जैसे कल यहाँ कोई बाजार लगा ही नहीं था |गंदगी के नाम पर अगर कोई चीज पूरे बोलोना शहर में दिखा था तो सिगरेट के टोटे मैं पहले भी लिख चुका हूँ लड़कों से ज्यादा लड़कियां सिगरेट पीती हैं और सिगरेट बहुतायत पी जाती है |वाइन इटली में जरुरी राशन की तरह खरीदी जाती है और इटली की वाइन पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है |चलिए चूँकि अभी मैं आपको वहां के साप्ताहिक बाजार से परिचित करा रहा था तो एक बार फिर वहीं लौट चलते हैं |लोगों की भीड़ बहुत थी पर कोई शोर नहीं था सब कुछ शांत| भारत में ऐसे बाजारों में इतना शोर होता है कि घबराहट होने लगती है पर वहां मुझे कोई परेशानी नहीं हो रही थी लड़कों से ज्यादा लड़कियां थी पर कोई छेड़-छाड़ नहीं थी |जिज्ञासावश मैंने सिल्विया से “ईव-टीजिंग” के बारे में पूछा हालंकि वह अच्छी अंग्रेज़ी जानती थी पर वह इस शब्द का मतलब समझाने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पडी क्योंकि उसने “ईव-टीजिंग” जैसे शब्द को कभी सुना ही नहीं था |वो मुझसे इस शब्द को सुनने के बाद काफी देर तक चुहल करती रही |पहली बार मुझे लगा ये मेरे सपनों का देश है जहाँ कोई आपको बिला वजह घूरता नहीं आप जो चाहे कपडे पहने जैसे कपडे पहने कोई फर्क नहीं पड़ता आप उन्मुक्त हो कर विचरण कर सकते हैं |
जारी .............................................

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