Tuesday, June 23, 2015

लखनऊ से लेह (यात्रा -वृत्तांत सातवाँ भाग )

स्पितुक गोम्पा 
पेंगोंग से आने के बाद थकान तगड़ी थी इसलिए अगले दिन दूर नहीं जाने का फैसला किया |स्पितुक गोम्पा हमारे गेस्ट हाउस से दिखता था |आज इस गोम्पा की बारी थी |लेह में गोम्पा यत्र तत्र सर्वत्र फैले हैं |कुछ नए हैं कुछ पुराने हैं सबकी बनावट एक जैसी है पर चूँकि विदेशी पर्यटक वहां ज्यादा जाते हैं इसलिए भारतीय भी पहुँच जाते हैं |मैंने अपने लेह प्रवास में एक बात गौर की |भारतीय पर्यटकों की रूचि गोम्पा में बस पर्यटन की द्रष्टि से ज्यादा होती है |वे वहां के इतिहास विकास में कोई रूचि नहीं दिखाते |पुरातत्व की द्रष्टि से संरक्षित गोम्पा में जरुर पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की तरफ से एक दो बोर्ड लगा दिए गए हैं बाकी गोम्पा में आपको जानकारी देने वाला कोई नहीं मिलेगा |
सभागार में फिल्म देखते बच्चे 

स्पितुक गोम्पा जाने से पहले मुझे बताया गया कि वहां गोम्पा के ऊपर एक काली मंदिर है |मैं भी उत्साहित हो गया क्योंकि यहाँ मुझे मंदिर नहीं दिखे जिनका ऐतिहासिक महत्व हो या छोटे –मोटे मंदिर भी नहीं दिखे जबकि रोज सुबह जब हम सोकर उठते तो अनुराधा पौडवाल के भजन  जरुर कानों में सुनायी पड़ते |मैं कई बार गेस्ट हाउस से निकल कर जानने की कोशिश की कि यह कहाँ बज रहा है पर सिर्फ आवाज से ही संतोष करना पड़ा |पहाड़ की उंचाई पर बना स्पितुक गोम्पा एयरपोर्ट के एकदम करीब है कि आप रनवे पर विमानों के उड़ने और आने को देख सकते हैं |मेरी रूचि काली मंदिर में थी |मैंने फटाफट गोम्पा का एक चक्कर लगाया और उस काली मंदिर की तरफ बढ़ चला |जूते  उतार कर और कैमरा बंद कर हम उस मंदिर जैसे कक्ष में घुसे पर ये क्या यहाँ भी बुद्ध की कालीनुमा मूर्ति थी जिसे अज्ञानी हिन्दू काली समझ लेते हैं |मुझे इसका एक कारण यहाँ शराब का चढ़ना भी हो सकता हो हालंकि यहाँ साफ़ –साफ़ लिखा हुआ है कि यहाँ शराब चढ़ाना मना है पर मैंने एक रम की एक बोतल को चढ़े हुए देखा|लेह के गोम्पाओं में प्रसाद का समाजवाद मुझे पसंद आया आप गोम्पा में कुछ भी चढ़ा सकते हैं |हिन्दू मंदिर की तरह यहाँ प्रसाद का क्लास नहीं है कि लड्डू या पेड़ा  वो भी फलां सामग्री का ही चढ़ेगा |शायद शराब भी इसका एक रूप था | आज पहाड़ बर्फ से भरे थे हम सही वक्त पर पेंगोंग का चक्कर मार कर लौट आये थे |

लेह पैलेस 
स्पितुक गोम्पा के बाद बारी थी लेह पैलेस देखने की |नौ मंजिला मिट्टी से बनी  यह इमारत पूरे लेह में दिखती है जहाँ कभी यहाँ के राजा रहा करते थे अब खंडहर में तब्दील हो रही है |पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने अब इसके जीर्णोधार का काम अपने हाथ में लिया और अब यहाँ बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है इसको अपने पुराने स्वरुप में लाने के लिए |इसमें कोई शक नहीं है कि आम लद्दाखी उत्तर भारत के मुकाबले बहुत ईमानदार है |आप जितने लोगों का टिकट मांगेंगे वो बगैर पूछ ताछ के उतना टिकट दे देंगे |टिकट कहीं भी चेक नहीं किया जाता आपने टिकट ले लिया यही बहुत है कोई भी आपसे टिकट के लिए दरियाफ्त नहीं करेगा |
लेह पैलेस से शहर बहुत खुबसूरत दीखता है |चारों तरफ बौद्ध मन्त्र लिखित झंडियाँ और उसके बीच में लेह और बर्फ से लदे पहाड़| लेह पैलेस घूमते घूमते दोपहर हो आयी थी सोचा गया क्यों न मार्केट का एक चक्कर लगा लिया जाए |हम मार्केट में घुसे ही थे कि नजीर के पास फोन आया कि डेढ़ बजे सिन्धु संस्कृति सभागार में एक फिल्म का शो है |हमें तुरंत उधर का रुख करना है |फिल्म की बात से मैंने सोचना शुरू किया यहाँ मैंने न तो कोई मल्टीप्लेक्स देखा न कोई पिक्चर हाल पूछताछ करने पर पता चला दशकों पहले दर्शकों की कमी के चलते यहाँ का एकलौता पिक्चर हाल बंद हो चुका है और यहाँ इतनी फिल्मों की शूटिंग होने के  बाद भी यहाँ के लोग इन फिल्मों को बड़े परदे पर नहीं देख पाते |सौगत ने एक अभिनव प्रयोग शुरू  किया है|जिला प्रशासन हर शनिवार को शहर के हर स्कूल के बच्चों को फिल्म दिखाता है और बच्चे इस प्रयोग से खुश हैं |फिल्म देखने के बाद शान्ति स्तूप को देखने का निर्णय लिया गया |
शांति स्तूप 
करीब पच्चीस साल बनाया गया यह स्तूप बुद्ध का एक मंदिर है और एक ऊँची पहाडी पर बना है |जहाँ से सूर्यास्त का नजारा देखना बहुत खुबसूरत लगता है |हम जब वहां पहुंचे सूर्यास्त में देर थी और ठंडी हवा इतनी तेज़ चल रही थी कि ज्यादा देर वहां खड़े रहना बहुत मुश्किल था |हमें वहां से जल्दी निकलना पड़ा |लेह में एक और व्यस्त दिन ख़त्म हुआ| रात हो आयी थी और मैं एक बार फिर सन्नाटे की आवाज सुनने के लिए तैयार था |अगले दिन नुब्रा घाटी चलने की तैयारी थी |
जारी .................................................

2 comments:

Rohit, we the people of India.............. said...

Well written sir. limited words unlimited adventure.

Rohit, we the people of India.............. said...

well written sir. limited words unlimited adventure.

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