इसके
उपयोगों की सूची इतनी लंबी है कि इस पर शोध पत्र लिखा जा सकता है।सुरक्षा कवच: चिलचिलाती धूप में यही गमछा हेलमेट के नीचे पसीने का दुश्मन बनता है
और चेहरे पर लपेट लिया जाए तो 'डाकू' लुक के साथ-साथ लू से भी बचाता है।बाजार गए और थैला भूल गए? कोई बात नहीं। गमछे के दो कोनों में गांठ लगाइए और देखिए कैसे यह दो
किलो आलू और एक किलो टमाटर का बोझ हंसते-हंसते उठा लेता है.गाँव की पगडंडियों पर
जब प्यास लगे, तो इसी गमछे की चार परतें पानी छानने
के काम आती हैं।किसी पार्क की बेंच गंदी हो या बस की सीट पर धूल हो, गमछा बिछाइए और 'महाराजा' की तरह विराजमान हो जाइए।आज की दुनिया 'सस्टेनेबिलिटी' और 'ईको-फ्रेंडली' होने का ढोंग
कर रही है, लेकिन गमछा जन्मजात पर्यावरण प्रेमी
है। तौलिए को धोने के लिए आपको बाल्टी भर पानी और ढेर सारे डिटर्जेंट की जरूरत
पड़ती है, क्योंकि उसकी घनी बुनाई मैल को पकड़
कर बैठ जाती है।
इसके
विपरीत, गमछा 'मिनिमलिस्ट' है। आधा बाल्टी
पानी और एक बार साबुन की टिकिया उस पर फिरा दी जाए, तो वह चमक उठता है।सबसे बड़ी बात इसके सूखने की रफ्तार है। पंखे की हवा
में भी यह दस मिनट में सूखकर तैयार हो जाता है। तौलिए की तरह इसे 'ड्रायर' की जरूरत नहीं
पड़ती। इसका मतलब है—कम पानी, कम बिजली और कम
प्रदूषण। जब गमछा पुराना हो जाता है, तब भी
वह हार नहीं मानता। वह 'पोछे' के रूप में पदोन्नत होकर घर की सफाई करता है और अंत में मिट्टी में
मिलकर विलीन हो जाता है। यह 'जीरो वेस्ट' जीवनशैली का असली ब्रांड एंबेसडर है।वहीं तौलिया आपको आलसी बनाता है।
नहाने के बाद भारी तौलिए में लिपटे रहना एक सामंती सुख दे सकता है, लेकिन गमछा आपको फुर्ती देता है। गमछा कंधे पर हो, तो इंसान काम करने के लिए तैयार रहता है। यह श्रम की पहचान है। एक तरफ
तौलिया है जो फाइव स्टार होटलों के सफेद कमरों में शोभा बढ़ाता है, और दूसरी तरफ गमछा है जो खेत की मेड़ से लेकर ऑफिस की कुर्सी तक हर जगह
अपनी जगह बना लेता है।
अंत
में, यदि हम उपयोगिता, पर्यावरण और बहुमुखी प्रतिभा के तराजू पर तौलिए और गमछे को तौलें, तो गमछे का पलड़ा हमेशा भारी रहेगा। तौलिया एक जरूरत हो सकती है, लेकिन गमछा एक संस्कार है। यह हमें बताता है कि जीवन की जटिलताओं को
सुलझाने के लिए किसी भारी-भरकम समाधान की नहीं, बल्कि एक हल्के और लचीले व्यवहार की जरूरत है।इसलिए, अगली बार जब आप किसी मॉल में महंगे आयातित तौलिए को देखें, तो मुस्कुराइए और अपने कंधे पर रखे उस दो मीटर के सूती जादू को सहलाइए, जो न केवल आपका बदन सुखाता है, बल्कि आपकी संस्कृति को भी जिंदा रखता है। तौलिया सिर्फ नहाने के बाद
का साथी है, पर गमछा जीवन के हर संघर्ष का हमराही
है।
प्रभात खबर में 12/05/2026 को प्रकाशित लेख

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