Friday, October 3, 2008

समय प्रबंधन

दोस्तों अपने अक्सर सुना होगा लोग कहते हैं क्या बताएं समय ही नहीं मिलता करना तो बहुत चाहते हैं लेकिन समय की कमी आड़े आ जाती है वैसे सभी के लिए दिन भर में समय २४ घंटे का ही मिलता है लेकिन कोई उसका अधिकतम सदुपयोग करता है और जो नहीं कर पता है वो आज कल की भागती जिन्दगी में पीछे छूट जाता है अगर जिन्दगी में कदम से कदम, मिला कर आगे बढ़ना है तो आज की सबसे बड़ी जरुरत समय प्रबंधन ही है
प्रभावी रूप से समय के प्रबंध शुरू करने के लिए, आपको लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता है. उचित लक्ष्य निर्धारित करने के बिना, आप परस्पर विरोधी प्राथमिकताओं में फंसकर एक भ्रम पर अपना समय व्यर्थ नष्ट कर देंगे. बचपने में एक कहावत सुनी थी समय अमूल्य होता है समय के साथ बचपना तो कहीं पीछे छूट गया और दुनिया कितनी आगे निकल गयी लेकिओं इस कहावत का मतलब वैसे का वैसे ही है.
समय वाकई बहुत मूल्यवान है अब ये हमारे हाथ में है की हम समय का इस्तेमाल कैसे करते हैं ? कहते हैं न गया वक्त फ़िर हाथ आता नहीं तो समय के जाने से पहले इसका प्रबंधन इस तरह किया जाए की इसकी कमी न खले .शुरुवात अपने दैनिक जीवन से करते हैं यानि सबसे पहले जिन्दगी के कुछ लक्ष्य निर्धारित कीजिये और निश्चित समय में उन्हें पाने की कोशिश कीजिये.
ये लक्ष्य अपने करिएर से लेकर आपसी रिश्तों तक कुछ भी हो सकता है और उसके बाद अपनी प्राथमिकताओं का निर्धारण कीजिये कहने का मतलब यह है की जीवन के कई सारे लक्ष्यों में कौन सा लक्ष्य आपकी प्राथमिकता है जीवन के हर मोड़ के साथ हमारी प्राथमिकतायें बदलती रहती हैं कभी करिएर हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होता है कभी परिवार .
समय प्रबंधन के बिना जीवन में सफलता की सीढियां नहीं चढी जा सकती हैं इसके लिए कुछ सुझाव पर अमल करें आप देखेंगे की आपके पास समय ही समय है ये उपाय हैं
* जीवन के बारे में स्पस्ट नजरिया रखें
*आप अपने आप से क्या चाहते हैं इसका स्पस्ट रूप से आप को पता हो जिससे आप उसी अनुरूप समय प्रबंधन कर सकें
*न कहने की आदत डालें जिससे आप लोगों के दबाव में न आकर अपने समय का दुरूपयोग को बचा पायेंगे
*लक्ष्य को स्पस्ट रखें उसी अनुसार कार्य करें
*सब चलता वाला रवैया छोड़कर अनुशासन का पालन करना चाहिए
*अपने सोने और उठने का समय निर्धारित करना चाहिए .
*अपने निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए किंतु इसके लिए समर्पण और धैर्य का होना बहुत जरुरी है .
वैश्वीकरण की इस दुनिया में टिके रहने का एक ही रास्ता है आगे बढ़ते रहना और बढ़ते रहने के लिए जरुरी है की हमें अपने मंजिल का पता हो और रस्ते में आने वाली मुश्किलों का भी अंदाजा हो ऐसे में समय प्रबंधन से ही हम आगे बढ़ सकते हैं लेकिन इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि जिन्दगी में सब कुछ आपके हिसाब से नहीं होगा और इस स्थिति का हम अपने जीवन में अक्सर सामना करते हैं.
ऐसी स्थिति आने पर न तो घबराना चाहिए और न ही अन्वाश्यक तनाव को अपने उप्पर हावी होने देना चाहिए
अन्वाश्यक तनाव आपको आपके लक्ष्यों से भटका सकता है धैर्यपूर्वक स्थिति का सामना कीजिये और अपने जीवन के लक्ष्यों को पुन: निर्धारित कीजिये और देखिये कितनी जल्दी आप सफलता के कितने करीब पहुँच जाते हैं . तो अब तक आप समझ चुके होंगे हमारी जिन्दगी में समय प्रबंधन की क्या अहमियत है तो इंतज़ार किस बात का है आज से ही अपनी जिन्दगी को व्यवस्थित कीजिये.
मुमकिन है सफर हो आसान अब साथ भी चल कर देखें
कुछ तुम भी बदल कर देखो कुछ हम भी बदल कर देखें
अब वक्त बचा है कितना जो और लड़े दुनिया से
दुनिया के नसीहत पर थोड़ा सा अमल कर देखें

आकाशवाणी लखनऊ से प्रसारित वार्ता

6 comments:

raj said...

बहुत सुंदर लेख

virendra kumar veer said...

aapka ye lekh bahut accha laga sir . beeta samay kabhi wapas nahi aata.samay se jo har gaya o jindagi se haar gaya. is liye samy se humshea ladna cahiye aur khud ko kamjoor na kare samay ko cunauti do. is liye life me kuch AIM banane cahiye jisse samay sahi se use ho sake aur samy ka durpayog hone se bach sake.

'samay tu dhere dhere chal sari duniya chod ke main jau aage nikal.............................."

archana chaturvedi said...

Ek Samye ki hi takt yesi hai jiske aage bade bade taktvr paani bharte hai par ages samye ka prbhadhan sahi tarkiye se kar liye to ye duniye uske aage paani bharti hai
aapka lekh sr ji such ne powerfull hai rely. ..

sana said...

sir ap ka ye lekh bhot kuch sikhata h khastaur se ham sab students ko qk time management hmare liye bhot zaruri h.agar ham apni life me kuch bnna chahte h kuch bada krna chahte h to hme waqt ki qadar krna sikhni hi hogi

samra said...

sir aapne bilkul sahi kaha ki waqt thamta nahi hai iisliye mein kehti hun kabhi bhi humein waqt ke peeche nahi bhagna chahiye use apne peeche bhagana chahiye..taki is tez raftaar zindgi mein us se qadam se qadam mile ke chale kyunki waqt se jo log aage nikal jate hai mere khayal mein woh cheez bhi theek nahi hoti hai ..:)

Sakshi Bhargava said...

जो व्यक्ति समय की गति के साथ कदम से कदम मिलकर अनुशासित और व्यवस्थित दिनचर्या के साथ अपने निर्धारित व स्पष्ट लक्ष्य की ओर बढ़ता है वही जीवन में निश्चित रूप से सफल होता है.
इस आशय को बहुत ही सहज, सरल व प्रेरक तरीके से लिखा गया है.
'वक्त बचा है कितना-------------------कुछ हम भी बदल कर देखें,' जैसी पंक्तियाँ किसी भी व्यक्ति को समय के महत्व को समझनेतथा समय प्रबंधन के विषय में सोचने को बाध्य करने के लिए प्राप्त है.

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