Friday, April 24, 2015

बदलते वक्त के साथ स्मार्ट हो गयी रिस्ट वाच

वक्त रुकता नहीं लगातार चलता रहता है ,हाँ भाई मुझे पता है ये ज्ञान आप सबको पता है आप भी सोच रहे होंगे कि सुबह सुबह ये समय जैसी गंभीर बात क्यों कर रहा हूँ,तो बात कुछ यूँ है कि पिछले दिनों एक रिस्ट वाच भेंट में  मिली यूँ तो घड़ियाँ लोग एक दूसरे को भेंट दिया करते हैं पर ये एक स्मार्ट वाच थी.अपनी कलाई में  बांधे इस घड़ी के स्मार्ट फंक्शन को देखकर मेरे दिमाग में ख्याल आया कि वक्त कितना बदल गया है और घड़ियाँ भी.नहीं समझे अरे भाई वक्त का लेख-जोखा रखने वाली घड़ियाँ वक्त के साथ-साथ ही काफी आगे बढ़ गयीं हैं| अब ये घड़ियाँ सिर्फ वक्त का हिसाब-किताब न रखकर और भी बहुत कुछ करने लगी हैं| एप्पल जैसी कम्पनियाँ जो लगातार बाजार में तकनीक से लबरेज़ नए-नए उत्पाद उतारने के लिए मशहूर हैं अब  तकनीकी रूप से अत्यधिक उन्नत घड़ियाँ बाजार में पेश कर रही हैं जो की  जनसंचार के सन्दर्भ में हमारी समझ में नए आयाम जोड़ रहीं हैं| घड़ियाँ अब सिर्फ समय बताने या जानने का जरिया भर नहीं रह गयी हैं .अब देखिये न
औटोमेटिक घड़ियों ने हाथ से चाभी भरने वाली घड़ियों को चलन से बाहर कर दिया फिर आया मोबाईल का जमाना और ये माना जाने लग गया था कि हाथ पर बंधने वाली घड़ियों का समय अब गया क्योंकि कलाई घड़ियाँ सिर्फ समय बताने का काम करती हैं जबकि मोबाईल समय बताने के साथसाथ बात करने में भी मददगार हैं .तो समय ही नहीं बदल रहा है इस बदलते समय के साथ हमारे हाथ पर बंधने वाली घड़ियाँ भी तेजी से बदल रही हैं तो स्मार्ट वाच के कॉन्सेप्ट ने सारा नजारा ही बदल दिया यानि अब घड़ी पर टाईम देखने के साथ साथ आप ई मेल चेक कर सकते हैं कम्प्यूटर से फाईलों का लेना देना कर सकते हैं और बात भी कर सकते हैं .
हो सकता है आपको मेरी घड़ियों की कहानी समझ में न आ रही हो तो इसे समझने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी .वैसे भी बात ज्यादा पुरानी भी नहीं है लगभग पंद्रह साल पहले भारी भरकम  ब्लैक एंड व्हाईट मोबाईल रईसों का शौक हुआ करते थे वो भी पुश बटन वाले और आज हर हाथ में टच स्क्रीन स्मार्ट फोन है तो तकनीक बहुत तेजी से हमारे जीवन में छाती जा रही है वो भी सस्ती कीमत पर .ऐसा ही कुछ स्मार्ट वाच के साथ भी होगी .ये स्मार्ट वाच जो अभी एक्का दुक्का हाथों में दिखती हैं .कुछ ही सालों में हर कलाई की शोभा बढ़ाएंगी क्योंकि ये सिर्फ घड़ियाँ नहीं होंगी ये हर वो काम करेंगी जो आज का मोबाईल कर रहा है .ये घड़ियाँ आने वाले समय में समाचार एवं सूचनाओं के प्रसारण में इस्तेमाल होने वाले शब्दों की संख्या इतनी कम कर देंगी ट्वीट में इस्तेमाल होने वाले शब्द भी बहुत ज्यादा लगने लगेंगे. एप्पल की स्मार्टवाच की लगभग एक करोड से भी अधिक की बिक्री होने के अनुमान लगाये जा रहे हैं.  किसी भी गजेट के बाजार में आने के वक्त की ग्राहक संख्या से उसके भविष्य का अंदाजा लगाना काफी कठिन होता है.भारत इस मामले में अपवाद हो सकता है जिस तरह सस्ते स्मार्ट फोन से भारत के बाजार पट गये हैं ऐसा ही कुछ इन स्मार्ट वाच के साथ होगा. एप्पल की स्मार्टवाच के बाजार में आने के साथ ही इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के तेज होने की उम्मीद है. यह प्रतिस्पर्धा बाजार में सस्ते एंड्रोइड पर आधारित सस्ती स्मार्टवाच के पदार्पण का रास्ता खोल देगी और इन सस्ती स्मार्टवाच का बाज़ार उसी तेज़ी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है जैसे कि सस्ते स्मार्टफोन के बाजार में हुआ है.
 स्मार्टवाच के पहले उपभोक्ता भारत के युवा होंगे जो बदलती तकनीक के साथ कदमताल करना जानते हैं जो जिन्दगी बिताने में नहीं जीने में भरोसा करते हैं और हो भी क्यों न भारत दुनिया में सबसे ज्यादा युवा आबादी वाला देश है जहाँ सबसे तेजी से स्मार्ट फोन यूजर्स बढ़ रहे हैं . यदि ऐसा होता है तो आने वाले कुछ वक्त में ही यह स्मार्टवाच के उपभोक्ताओं की संख्या काफी बढ़ जायेगी और इनके लिए सूचनाओं एवं मनोरंजन आधारित सामग्री का उत्पादन करना संचार कंपनियों के लिए फायदे का सौदा बन जाएगा|
स्मार्टवाच उन लोगों के होने की आशा है जो अपनी सेहत का काफी ख्याल रखते हैं| ये स्मार्टवाच दौड़नेतैरनेकसरत करते वक्त दुनिया से जुड़े रहने  में कोई रूकावट नहीं डालेंगी और इनमें लगी एप्प्स इन्हें पहनने वाले व्यक्ति को लगातार उसकी दिल की धडकननब्ज़ब्लड-सुगररक्तचाप आदि की जानकारी भी देती रहेंगी| बदलते वक्त के साथ ये बदलती हुई घड़ियों की कहानी आपको कैसी लगी बताइयेगा जरुर .
आई नेक्स्ट में 24/04/15 को प्रकाशित 

2 comments:

ANITA RAJ said...

"waqt ka hr shai par raaj,waqt k har shai gulam" ye laine aaj ke badalte parivesh me wrist watch khi jyada aage nikl gai hai,kalai watch ka craje to hmesha rhega'wrist watch ki bdti uplabdhi jo aapne btai to bhot jabrjast hai.

Suraj Verma said...

कलाई पर बांधी जाने वाली घड़ियों के बारे में कहा नहीं जा सकता कि कौन सी महिलाओं की है और कौन सी पुरुषों की. बड़ी घड़ियों का फैशन है. लेकिन जर्मन स्टाइल कंसल्टेंट के मुताबिक पतली कलाई पर बड़ी घड़ी पहनना स्टाइलिश नहीं.
कपड़ों के साथ साथ स्टाइल में गहनों और कलाई पर पहनी जा रही घड़ी का भी अहम किरदार होता जा रहा है। आज के इस फैशन के दौर में बहुत कुछ बदल गया मोबाइल स्मार्ट हो गए,तो भला घडी कैसे पीछे रहे । सब कुछ बदल गया तो घडी को व् बदलना व् स्मार्ट होना तो था ही।

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