Friday, March 5, 2010

सीधी बात नो बकवास

इस फिल्म को देखें इसकी ख़ास बात है कि इस फिल्म को बनाने के लिए कैमरा नहीं उठाया गया है भारत में महिलाओं की स्थिति का चित्रण करती इस फिल्म को फिल्म अमेरिका के हयूस्टन विश्वविद्यालय द्वारा काफी सराहा गया और इस फिल्म पर एक विशेष क्लास परिचर्चा भी आयोजित हुई फिल्म का लुत्फ़ लें १० मिनट की ये फिल्म अगर आपके दिमाग को सोचने पर मजबूर करती है तो मेरा प्रयास सार्थक हुआ

7 comments:

सुशील कुमार छौक्कर said...

बहुत कुछ कहती है ये फिल्म।

डॉ. मनोज मिश्र said...

प्रयास सार्थक है,बढियां.

deepakkibaten said...

Nice, bas yehi ek word jehan me aaya ye dekhkar. Sach maine to socha bhi nahi tha ki bina camera uthaye itni sundar movie bhi banayi ja sakti hai.

Udan Tashtari said...

बहुत उम्दा प्रस्तुति!

PRASHI said...

dis is a nice movie, and forced to think about our society

rajiv said...

Shandar and crisp presentation

virendra kumar veer said...

MOVIE BAHUT ACHI BANAI APNE SIR YAKIN HI NAHI HOTA KI BINA CAMERA KI MOVIE BANI HAI AUR AAJ PATA CHALA KI BINA CAMERE KE BHI MOVIE BANAI JA SAKTI HAI. AAPKI YE MOVIE BAHUT KUCH BANYA KARTI HAI.

पसंद आया हो तो