Wednesday, June 8, 2011

काले का बोलबाला


 आजकल हर जगह काले धन की ही चर्चा है बाबा रामदेव ने काले धन के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है काला बाज़ार से लेकर काले रंग तक हम किसी न किसी तरह से काले के प्रभाव में रहते हैं. जहाँ सरकार काले धन से छुटकारा पाना चाहती है वहीं बाजार में काले से गोरा बनाने वाली क्रीम की भरमार है .पर कहानी में यहीं से थोडा ट्विस्ट आता है क्योंकि आज हम इस काले रंग के किस्से को खालिस तरीके से समझेंगे हाँ ये लेख लिखते हुए मेरे काले कम्पूटर की काली स्क्रीन में काले अक्षर ही उभर रहे हैं .यूँ तो काला रंग हमेशा से प्रभुत्व और वर्चस्व के प्रतीक रूप में इस्तेमाल होता आया है. सफ़ेद ने अगर शांति के प्रतीक के रूप में अपनी पहचान बनायीं  है तो काला रंग जाने अनजाने अपने अंदर एक अलग आकर्षण रखता है. फिर चाहे वह ब्लैक ब्यूटी हो या फिर कोई ब्लैक वेहिकल. अफ्रीका के ब्लैक लोगों की शारीरिक सौष्ठव की बात हो या फिर भारत में बंगाल के काले जादू की. सबकी अपनी एक पहचान है. अमावस की काली रात हो या काल भैरव की पूजा हर जगह काले का ही बोलबाला है आइये कुछ और आगे चलते हैं और देखते हैं कि हमारे जीवन में ये काला रंग क्या महत्व रखता है जिंदगी की डगर पर अगर आगे बढ़ना है तो पेन्सिल की काली रेखा की जरुरत होगी या फिर इस डिजीटल वर्ल्ड में ओ एम् आर शीट के काले गोले जो आपको सफलता के दरवाजे तक ले जायेंगे .
जीवन में सफल होने के लिए सिर्फ शिक्षा की ही जरुरत नहीं होती जरा  सोचिये जेम्स वाट ने किस तरह भाप की शक्ति को पहचान कर काले  कोयले को उर्जा के एक नए साधन के रूप में दुनिया से परिचित कराया और बाद में इन्ही भाप के इंजनों ने औधोगिकी करण की नीव रखी जिससे हम सबकी जिंदगी बेहतर हुई .बात जब जिंदगी की चल पडी है तो फिर हमारा आपका किस्सा तो होगा ही तो इस किस्से को और आगे बढ़ाते हुए कुछ खूबसूरत सी चीज़ आपको याद दिलाना चाहता हूँ सही पहचाना आपने काला तिल कितना कुछ है हमारे जीवन में जो काला होते हुए भी सुन्दर है आकर्षक है वो चाहे बालों का काला रंग हो या कजरारे नैन, भगवान कृष्ण के सांवले सलोने रूप को ही ले लीजिए . नीबू वाली काली चाय का असली मजा तो आप तभी ले सकते हैं जब आसमान में काली घटायें छाई हो मेरे जैसे न जाने कितने लेखकों ने कितने पन्ने काले कर दिए सिर्फ अपनी बात को दूसरों तक पहुँचाने के लिए हाँ मेरे और आपके सभी के शैक्षिक जीवन  की शुरुआत का  आधार भी एक काला बोर्ड ही था लेकिन फिर भी हम काले रंग से न जाने क्यों एक बचना चाहते हैं.

जीवन ने  हमें कई रंग दिए हैं उनमे से एक रंग काला भी है इंसान या उससे जुडी हुई कोई चीज़ अच्छी बुरी हो सकती है पर रंग नहीं आप रंगों की भाषा में आप इसको यूँ समझें हम काले रंग के खिलाफ नहीं है बल्कि समाज में होने वाली काली करतूतों के खिलाफ हैं फिर वो चाहे काला धन हो या काला बाजारी तो अपना रंग गोरा करने की बजाय जो रंग भगवान ने आपको दिया है उसमे खुश रहें पर समाज के कालेपन को खतम करने के लिए जो आप कर सकते हैं वो जरुर करें तो याद रखियेगा कोई रंग बुरा नहीं होता .

आई नेक्स्ट में ८ जून को प्रकाशित 

9 comments:

दस्तक said...

bahut accha lekh hai sir..! :)

gayatri said...

hmmm .. yes sir .. beauty with heart not with face ....

virendra kumar veer said...

insan ki pehchan uske face se nahi DIL se karne cahiye, face chae kala ho ya kaisa bhi but Dil saaf hona cahiye. waise koyla bhi kala hota hai aur ussme se hi diamond milta ha.

kale dhan par sarkar kitani bhi koshis kar le jab tak uska daman kala hai tab tak o kuch nahi kar sakata. sadhu ,mahatma ke bhes me jo log kala dhan ikatha kar rahe hai aaj wahi keh rahe hai ki kala dhan wapas laya jaye.aur khud pak saaf hona cahate hain.

aks said...

kale rang ko is tarah miane pehle kabhi nahi dekha jo roop apne dikhaya uska ek karan ye bhi raha aksar logo ne kale rang ka istemaal kiya hi kuch is tarah ki kabhi is tarah socha hi nahi
kisi rang se koi rang milado to wo apna asli rang kho deta hai par kala rang hi hai jo sabhi par bhari hai

AAGAZ.. said...

सर इस लेख को पढने के बाद सिर्फ 1 ही शब्द मुह से निकला..
" wow !!!!!!!!!!!! "

CHANDNI GULATI said...

Sirji yahan tak ki computer ki language mein bhi kaale rang ko key colour kaha gaya , yaani taaaley ki chaabhi.

ARUSHIVERMA said...

Black depicts negativity and black is concerned with black money which is effecting the development of the country.

sana said...

sir kale ka bolbala ap hi itna ache tarike se define kr sakte te.........very nice

samra said...

here two things are there about black color one is its positive and another is its negative rays..
means
positive is sense mein ki lekhak apne panne kale kerke hi dusro tak apni baat pohancha sakta hai jaise aapne pohchai..or bachchon ko shikshit kerne ke liye kale board ki zaroorat hoti hai......

and second negative approach..kala dhan ..joki is samaj ki sabse badi kali samsya hai ....
or jahan tak face ki baat hai to aapne yeah gana to suna hoga sir "hum kaale hai to kya hua dilwale hai "

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