Friday, May 23, 2014

महज़ रुमाल नहीं है आपका रुमाल

गर्मियों की छुट्टियाँ हो गयी हैं.कुछ लोग घूमने का प्रोग्राम बना रहे होंगे तो कुछ के घर में शादी या ऐसा ही कोई और आयोजन होगा.मेरा आपकी प्राइवेसी में दखलंदाजी करने का कोई इरादा नहीं है हम तो बस पूछ रहे थे कि जब इतने सारे प्रोग्राम होंगे तो आप सब सुन्दर दिखने के लिए कुछ कपडे वगैरह भी जरुर खरीदेंगे.मैं सही कह रहा हूँ न अच्छा कपड़ों में क्या क्या खरीदा. अब ये भी कोई बताने की बात है.अमा कपड़ों में कपडे ही खरीदे जायेंगे.सही कह रहे हैं आप अच्छा एक बात बताइए कपड़ों का ही एक जरुरी हिस्सा है रुमाल ,बोले तो नैपकिन हैंकी अच्छा  कभी आपने अलग से रुमाल की शॉपिंग की है जैसे पैंट,शर्ट,साड़ी या सूट की करते हैं .क्या याद नहीं आ रहा है.चलिए मैं कुछ याद दिलाता हूँ.एक दिन बगैर रुमाल के घर से निकल जाइए या रुमाल घर पर भूल जाइए .बहुत कुछ याद आ जाएगा.वैसे भी चीजों की कमी उनके न रहने पर ही खलती है. रुमाल फारसी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ मुंह पर मलने वाली चीज है.हाथ से लेकर मुंह साफ़ करने के अलावा रुमाल का कई इस्तेमाल हैं.अब ये आपके ऊपर है कि आप इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं.हिंदी फिल्मों के कई गानों में प्यार की शुरुवात नायिका के रुमाल खोने या मिलने से शुरू होती है.वो गाना तो आपने भी जरुर सुना होगा हाथों में जो आ गया रुमाल आपका.मतलब रुमाल भले ही एक छोटा सा कपडे का टुकड़ा भले ही हो पर वो हमारी जिंदगी में बहुत असर डालता है.जब आप मंदिर मस्जिद या गुरुद्वारा जाते हैं तो सर पर रुमाल डाल लेते हैं,यानि रुमाल का एक सुपर नेचुरल कनेक्शन भी है. रुमाल में पैसे से लेकर चाभी तक बांधी जाते है.मुझे पता है कि हमेशा की तरह आपके दिमाग में ये सवाल उठ रहा होगा की बात छुट्टियों से शुरू हुई और रुमाल पर आकर क्यूँ अटक गयी है और रुमाल की कहानी से आपको क्या?अच्छा ये बताइए कभी आपने गौर किया कि आपके रुमाल कब बदल जाते हैं आपको पता ही नहीं चलता आप कभी कपड़ों की तरह रुमाल को बदलने की प्लानिंग नहीं करते हैं,नए रुमाल आते हैं पुराने कहाँ चले जातें हैं न कभी आपने जानने की कोशिश की और न किसी ने बताने की.अरे भाई  फुर्सत किसे है.वैसे जिन्दगी में बहुत से लोग हमें ऐसे मिलते हैं जो हमारे काम आते हैं,हमारा जीवन आसान बनाते हैं और फिर चुपचाप हमें शुक्रिया कहने का मौका दिए बगैर जीवन से विदा हो जाते हैं.जरा पीछे मुड़कर देखिये आपके जीवन में ऐसे न जाने कितने लोगों का हाथ होगा जिनकी बदौलत आप आज जिन्दगी में आगे बढ़ रहे हैं या आपकी जिंदगी खूबसूरत है.अगर आपको मेरी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा तो सोचिये आपके घर गैस पहुंचाने वाला शख्स कौन है क्या आपको उसका चेहरा याद आ रहा है.वो आदमी जिसकी वजह से आप सुबह सुबह मेरा लेख पढ़ रहे हैं जी हाँ वो अखबार वाला,क्यूंकि वह  जब अखबार डाल के  जाता है तब आप सो रहे होते हैं.ऐसे न जाने कितने लोग हैं जो हमारे जीवन में रुमाल का रोल प्ले कर रहे होते हैं अपनी इम्पोर्टेंस का एहसास कराये बगैर और ऐसे लोगों को तो आप बखूबी जानते होंगे जो अपनी खुद की तारीफ में फेसबुक की वाल रोज रंगे बैठे होते हैं.
रुमाल यूँ तो हमारे पहनावे का एक छोटा सा हिस्सा भर है पर ये हमारी जिन्दगी से जुड़ा हुआ है जैसे आप डेली रूटीन में रुमाल खरीदने की प्लानिंग नहीं करते वैसे ही जिन्दगी को प्लान नहीं किया जा सकता.जो जैसे मिले उसे स्वीकार कीजिये.रुमाल का कलर आपके कपड़ों से मैच नहीं कर रहा है चलेगा पर रुमाल का न होना नहीं चलेगा वैसे ही जिन्दगी में रिश्तों का होना इम्पोर्टेंट है उनका अच्छा या बुरा होना नहीं क्यूंकि जिन्दगी रहेगी तो रिश्तों को बेहतर किया जा सकता है पर जिन्दगी ही न रही तोइसीलिये तो कहा जाता है जिन्दगी न मिलेगी दुबारा तो जी लो जी भर के पर तो अगली बार आपका रुमाल खो जाए तो उसे ढूंढने की कोशिश कीजियेगा क्यूंकि ये रुमाल महज रुमाल नहीं हम सबकी जिंदगी का आईना भी है.
आईनेक्स्ट में 23/05/14 को प्रकाशित 

1 comment:

RJ Rashi said...

Ye lekh padh kr aise bahut se logo ki yaad aai jinhone abhi tak hume yahan pahuchaya pr ajab hai shakal sach mai yaad na aai ab mai khud se zyaada apne rumaal ka khayal rakhne wali hu or use kharidne ki planning bhi karungi
Chota packet bada dhamaka hai ye article
- Rajsi Swaroop

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