Tuesday, May 19, 2015

इंटरनेट के स्मार्टफोन युग की दस्तक

इंटरनेट मुख्यता कंप्यूटर आधारित तकनीक रही है पर स्मार्ट फोन के आगमन के साथ ही यह धारणा तेजी से ख़त्म होने लग गयी और जिस तेजी से मोबाईल पर इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है वह साफ़ इशारा कर रहा है की भविष्य में इंटरनेट आधारित सेवाएँ कंप्यूटर नहीं बल्कि मोबाईल को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराई जायेंगीप्रमुख ओनलाईन शौपिंग वेबसाईट मायन्त्र ने घोषणा कर दी है की भविष्य में ऑन लाइन शौपिंग सिर्फ उसके मोबाईल एप से ही की जा सकेगी न की वेबसाईट से |भविष्य की इंटरनेट तकनीक एप आधारित होगी जिसके केंद्र में होगा मोबाईल इंटरनेट |स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के लिहाज से विश्व में दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है। आईटी क्षेत्र की एक अग्रणी कंपनी सिस्को ने अनुमान लागाया है कि सन २०१९ तक भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग ६५ करोड़ हो जाएगी। सिस्को के मुताबिक वर्ष २०१४ में मोबाइल डेटा ट्रैफिक ६९ प्रतिशत तक बढ़ा. साथ ही वर्ष २०१४ में विश्व में मोबाइल उपकरणों एवं कनेक्शनों  की संख्या बढ़कर ७.४ बिलियन तक पहुँच गयी.स्मार्टफोन की इस बढ़त में ८८ प्रतशित हिस्सेदारी रही और उनकी कुल संख्या बढ़कर ४३९ मिलियन हो गयी. विश्व के सबसे अधिक लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल ने मोबाइल इंटरनेट की इस बढ़ती ताकत को ध्यान में रखते हुए अपने खोज परिणामों में परिवर्तन करना शुरू कर दिया है|. इसका मकसद मोबाइल से आने वाले खोज अनुरोधों में उन वेबसाइटों को प्राथमिकता देने का है जो कि मोबाइल उपकरणों के लिहाज से उपयुक्त हैं.
यानि ऐसी वेबसाईट जो जो बड़े भारी भरकम  शब्दोंभारी  सॉफ्टवेयर जैसे फ़्लैश आदि का इस्तेमाल नहीं करती हैं| वे खोज परिणामों में पहले दिखेंगी और  वे वेबसाइट जिनका आकार  मोबाइल के स्क्रीन के आकार के लिहाज से अनुपयुक्त हैं वे सर्च परिणामों में काफी बाद में आएंगीं। इस बदलाव से कई वेबसाइटों का वरीयता क्रम बदल जाएगा |फोररेस्टर रिसर्च संस्था की एक रिपोर्ट के अनुमान के अनुसार १००० से अधिक कर्मचारियों वाले ३८ प्रतिशत से भी अधिक संगठनों की वेबसाइटें गूगल के नए मानकों पर खरी नहीं उतरतीहैं. अब या तो लोग अपनी वेबसाइटों को मोबाइल  उपकरणों के अनुसार बनाएं नहीं तो खोज परिणामों में पीछे छूट जाने के लिए तैयार रहें. विश्वभर के स्मार्टफोन उपभोक्ताओं में से ८९ प्रतिशत इंटरनेट पर कुछ भी खोजने के लिए गूगल सर्च इंजन का इस्तेमाल करते हैं | इस नए तरीके के लागू होने से मोबाइल द्वारा इंटरनेट इस्तेमाल करने में काफी सुविधा हो जाएगी| माना यह जा रहा है की इस रणनीति से  गूगल की आमदनी में बढ़ोत्तरी होने की संभावना  है क्योंकि यदि उपभोक्ताओं को मोबाइल पर वेबसाइटों को देखने में आसानी होगी तो उनकी विज्ञापन देखने की भी सम्भावना भी अधिक हो जाएगी | इस नए बदलाव के साथ गूगल मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से होने वाली उसकी आय में पिछले कुछ समय में जो गिरावट आई है उसे थामना चाहता है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को मोबाईल इंटरनेट से जोड़ना चाहता है जिससे लोग रोजमर्रा की छोटी से छोटी खोज भी गूगल के जरिये करें|भारत जैसे देश में जहाँ मोबाईल इंटरनेट का बेतहाशा इस्तेमाल बढ़ा है वहां ऐसी सुविधा  लोगों को और ज्यादा मोबाईल इंटरनेट से जोड़ने के लिए प्रेरित करेगी पर हमें इस तथ्य को भी नहीं भूलना चाहिए कि यहाँ इंटरनेट की आधारभूत संरचना विकसित देशों के मुकाबले काफी पिछड़ी है और इंटरनेट के बाजारीकरण की कोशिशें जारी हैं वहां गूगल का यह प्रयास आम उपभोक्ताओं के  इंटरनेट सर्फिंग समय को कितना सुहाना बनाएगा इसका फैसला अभी होना है |
हिन्दुस्तान में 19/05/15 को प्रकाशित 

5 comments:

HARSHVARDHAN said...

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन कवि सुमित्रानंदन पन्त और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

Madan Mohan Saxena said...

बहुत रोचक है
सुन्दर सटीक और सार्थक रचना के लिए बधाई स्वीकारें।
कभी इधर भी पधारें

Tanupreet Kaur said...

Nyc word

Garima Bhatt said...

great post. naturally mobile browsing outlook is high and rising. we like our gadgets ,we like convenience, efficiency, and saving time, performing tasks faster with less effort.In my opinion both mobile and tablets will continue to rise, a sign of the times, yet I feel mobile will especially thrive, being used by the majority while at work and school.we all know they’re facebooking, tweeting, looking up movie times, etc. A mobile is easier to manage.

Sudhanshuthakur said...

फ्रीडम 251 ने अगर अपनी डिलिवरी शुरू कर दी तो शायद ये दिन दूर नहीं ।। 😃

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