Tuesday, November 22, 2016

'काला रंग' निराला रे

आजकल हर जगह काले धन की ही चर्चा है बात जब काले की होती है तो हम थोडा सचेत हो जाते हैं क्योंकि काला आते ही न जाने क्या क्या नकारात्मक हमारे जहन में आने लगता है जैसे काला धंधा ,काली किस्मत और न जाने क्या क्या |इतनी सारी काली चीजों के बारे में सोचते हुए मैंने भी न जाने अपनी कितनी रातें काली की हैं | मेरी रातें जरुर काली हो रही थीं पर मुझे इस काले रंग के कई सारे उजले पक्ष के बारे में जानने का मौका मिला | जहाँ सरकार काले धन से छुटकारा पाना चाहती है वहीं बाजार में काले से गोरा बनाने वाली क्रीम की भरमार है | काला बाज़ार से लेकर काले रंग तक हम किसी न किसी तरह से काले के प्रभाव में रहते हैं| 
क्या काला रंग वाकई इतना बुरा होता है जितना हम उसे मानते हैं या यह महज हमारे दिमाग के नजरिये का मामला है कि हमने काले रंग को गलत चीजों के साथ जोड़ दिया है  |कहानी में यहीं से थोडा बदलाव  आता है क्योंकि ये लेख लिखते हुए मेरे काले कम्पूटर की काली स्क्रीन में काले अक्षर ही उभर रहे हैं वैसे मेरी त्वचा का रंग भी काला है और मुझे इस पर फख्र है |यूँ तो काला रंग हमेशा से प्रभुत्व और वर्चस्व के प्रतीक रूप में इस्तेमाल होता आया है| सफ़ेद ने अगर शांति के प्रतीक के रूप में अपनी पहचान बनायीं  है तो काला रंग जाने अनजाने अपने अंदर एक अलग आकर्षण रखता है| फिर चाहे वह ब्लैक ब्यूटी हो या फिर कोई ब्लैक वेहिकल| अफ्रीका के काले लोगों की शारीरिक सौष्ठव की बात हो या फिर भारत में बंगाल के काले जादू की| सबकी अपनी एक पहचान है| अमावस की काली रात हो या काल भैरव की पूजा हर जगह काले का ही बोलबाला है आइये कुछ और आगे चलते हैं और देखते हैं कि हमारे जीवन में ये काला रंग क्या महत्व रखता है जिंदगी की डगर पर अगर आगे बढ़ना है तो पेन्सिल की काली रेखा की जरुरत होगी या फिर इस डिजीटल दुनिया  में ओ एम् आर शीट के काले गोले जो आपको सफलता के दरवाजे तक ले जायेंगे |

जीवन में सफल होने के लिए सिर्फ शिक्षा की ही जरुरत नहीं होती जरा  सोचिये जेम्स वाट ने किस तरह भाप की शक्ति को पहचान कर काले  कोयले को उर्जा के एक नए साधन के रूप में दुनिया से परिचित कराया और बाद में इन्ही भाप के इंजनों ने औधोगिकी करण की नीव रखी जिससे हम सबकी जिंदगी बेहतर हुई |बात जब जिंदगी की चल पडी है तो फिर हमारा आपका किस्सा तो होगा ही तो इस किस्से को और आगे बढ़ाते हुए कुछ खूबसूरत सी चीज़ आपको याद दिलाना चाहता हूँ सही पहचाना आपने काला तिल कितना कुछ है हमारे जीवन में जो काला होते हुए भी सुन्दर है आकर्षक है वो चाहे बालों का काला रंग हो या कजरारे नैनभगवान कृष्ण के सांवले सलोने रूप को ही ले लीजिए | नीबू वाली काली चाय का असली मजा तो आप तभी ले सकते हैं जब आसमान में काली घटायें छाई हो मेरे जैसे न जाने कितने लेखकों ने कितने पन्ने काले कर दिए सिर्फ अपनी बात को दूसरों तक पहुँचाने के लिए हाँ मेरे और आपके सभी के शैक्षिक जीवन  की शुरुआत का  आधार भी एक काला बोर्ड ही होता है  लेकिन फिर भी हम काले रंग से न जाने क्यों एक बचना चाहते हैं|

जीवन ने  हमें कई रंग दिए हैं उनमे से एक रंग काला भी है इंसान या उससे जुडी हुई कोई चीज़ अच्छी बुरी हो सकती है पर रंग नहीं आप रंगों की भाषा में आप इसको यूँ समझें हम काले रंग के खिलाफ नहीं है बल्कि समाज में होने वाली काली करतूतों के खिलाफ हैं फिर वो चाहे काला धन हो या काला बाजारी तो अपना रंग गोरा करने की बजाय जो रंग भगवान ने आपको दिया है उसमे खुश रहें पर समाज के कालेपन को खतम करने के लिए जो आप कर सकते हैं वो जरुर करें तो याद रखियेगा कोई रंग बुरा नहीं होता |
प्रभात खबर मे 22 /11/16 को प्रकाशित 

2 comments:

Poonam said...

रंग काला है तो क्या हुआ बस शीरत उजली हो ।

Aishwarya Shukla said...

raang se koi farak nhi padta

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