Thursday, May 23, 2013

पानी का निशान मिटता नहीं

सुनो..... पानी का निशान मिटता नहीं 
कभी कहा था तुमने 
पानी पर मेरा नाम लिखते हुए 
पानी में भीगे वे शब्द 
आज भी गीले हैं 
पानी गीला नहीं होता 
पर मेरी आँखों से बरसता पानी 
आज भी खोज रहा है 
पानी पर लिखे उस नाम को 
....सुनो पानी का निशान मिटता नहीं 

5 comments:

Khan Kajal said...

Very nice poem sir.....

Shainda Warsi said...

PANI PR NAM KBHI LIKHTE NAHI
PANI PR KBHI NAM TIKTE NHI
LOG KAHTE HAI KI HM PATTHAR DIL HAI
LEKIN PATTHARO PR KBHI NAM MIT TE NAHI

neha bhandari said...

बिन पानी सब सून
इस धरती पर है पानी की मारामार।
तभी तो लोग करते पानी का व्यापार॥

Suraj Verma said...

पानी रे पानी, तेरा रंग कैसा ।

Suraj Verma said...

पानी रे पानी, तेरा रंग कैसा ।

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